282>||- मोहब्बत की राह -||
<--©--आद्यनाथ--->
मोहब्बत की खंजर
होती हैं छोटी मगर तीक्ष्न धार।
मोहब्बत की हर राह में
दुश्मन तैयार बैठे हैं लिए खंजर।
जरा होसियार रहना जरूरी
मोहब्बत की राह में।
अगर दोस्त ने ही चलाय खंजर,
दुस्मनकी केया जरूरी ।
अगर प्यार ने ही दिया धोका
बेवाफाई की जरूरी केया।
मगर प्यार में बेवाफाई मिले तो
कोभी नहीं करना गम।
तुम नहीं करना प्यार कभी कम।
प्यार के लिए महफ़िल सजाने से
दर्द को पीछा छुराय क्यसे।
प्यार में दर्द ही नहीं हैं तो
प्यार क्यसे।
बचना हो तो बचो मोहब्बत की खंजर से।
चुप मत बैठो सामना करना सिखलो दुश्मन से।
【--anrc--16/02/2019--】
【=रात्रि 02:44:10am=】 【=बेलघरिया=कोलकाता-59=】
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<--©--आद्यनाथ--->
मोहब्बत की खंजर
होती हैं छोटी मगर तीक्ष्न धार।
मोहब्बत की हर राह में
दुश्मन तैयार बैठे हैं लिए खंजर।
जरा होसियार रहना जरूरी
मोहब्बत की राह में।
अगर दोस्त ने ही चलाय खंजर,
दुस्मनकी केया जरूरी ।
अगर प्यार ने ही दिया धोका
बेवाफाई की जरूरी केया।
मगर प्यार में बेवाफाई मिले तो
कोभी नहीं करना गम।
तुम नहीं करना प्यार कभी कम।
प्यार के लिए महफ़िल सजाने से
दर्द को पीछा छुराय क्यसे।
प्यार में दर्द ही नहीं हैं तो
प्यार क्यसे।
बचना हो तो बचो मोहब्बत की खंजर से।
चुप मत बैठो सामना करना सिखलो दुश्मन से।
【--anrc--16/02/2019--】
【=रात्रि 02:44:10am=】 【=बेलघरिया=कोलकाता-59=】
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